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मंगलनाथ धाम उज्जैन • शास्त्रोक्त वैदिक पूजन

मंगल दोष निवारण पूजा, उज्जैन

वैदिक विधि से मंगल दोष शांति एवं विवाह बाधा निवारण हेतु विशेष अनुष्ठान

पंडित हरिओम शर्मा द्वारा मंगलनाथ धाम उज्जैन में शास्त्रोक्त विधि से सम्पन्न कराई जाने वाली मंगल दोष निवारण पूजा विवाह में देरी, वैवाहिक समस्याओं, मांगलिक दोष एवं ग्रह बाधाओं के समाधान हेतु विशेष रूप से की जाती है।

12+
वर्षों का अनुभव
8500+
अनुष्ठान सम्पन्न
मंगलनाथ
धाम विशेषज्ञ
Understanding the Dosh

मंगल दोष क्या होता है?

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मंगल दोष — जिसे मांगलिक दोष भी कहा जाता है — विवाह और दाम्पत्य जीवन को प्रभावित करने वाला एक प्रमुख ग्रह योग है।

मंगल दोष, जिसे सामान्य भाषा में मांगलिक दोष कहा जाता है, तब बनता है जब जन्म कुंडली में मंगल ग्रह कुछ विशेष भावों में स्थित होता है। ज्योतिष शास्त्र में मंगल को ऊर्जा, साहस और क्रोध का कारक ग्रह माना गया है — परंतु जब यह गलत स्थान पर होता है, तो जीवन में अनेक बाधाएं उत्पन्न करता है।

मंगल दोष मुख्य रूप से तब बनता है जब मंगल कुंडली के 1, 2, 4, 7, 8 या 12वें भाव में स्थित हो:

प्रथम भावस्वयं के स्वभाव में अधिक क्रोध एवं आक्रामकता — मांगलिक दोष का सबसे प्रबल रूप।
द्वितीय भावपरिवार और धन संबंधी वाद-विवाद, वाणी में कठोरता।
चतुर्थ भावगृह सुख में बाधा, वैवाहिक जीवन में अस्थिरता।
सप्तम भावविवाह में देरी, जीवनसाथी से संबंधित सीधा प्रभाव।
अष्टम भावदाम्पत्य सुख में गंभीर बाधा, शास्त्रों में पीड़ादायक माना गया।
द्वादश भाववैवाहिक जीवन में अलगाव की प्रवृत्ति, शांति हेतु पूजा आवश्यक।

एक सामान्य भ्रांति यह है कि मंगल दोष होने पर विवाह असंभव हो जाता है — यह सत्य नहीं है। उचित ज्योतिषीय परीक्षण और शास्त्रोक्त मंगल दोष पूजा के द्वारा इसका प्रभाव काफी हद तक कम किया जा सकता है। दो मांगलिक व्यक्तियों का विवाह भी शास्त्रों में मान्य माना गया है।

Self Check

क्या आपकी कुंडली में मंगल दोष हो सकता है?

यदि आपके जीवन में निम्न में से कई संकेत बार-बार दिखाई दे रहे हैं, तो कुंडली की जांच अवश्य कराएं।

01

विवाह में लगातार देरी

उचित आयु और गुण-मिलान के बावजूद रिश्ता फाइनल नहीं होना — मंगल दोष का सबसे सामान्य संकेत।

02

रिश्ते तय होकर टूट जाना

सगाई या बातचीत अंतिम चरण में पहुंचकर बिना ठोस कारण टूट जाना।

03

पति-पत्नी में तनाव

विवाह के बाद निरंतर वाद-विवाद और आपसी समझ की कमी।

04

क्रोध अधिक रहना

छोटी बातों पर भी अत्यधिक गुस्सा आना — पीड़ित मंगल का प्रत्यक्ष लक्षण।

05

भूमि विवाद

संपत्ति व भूमि से जुड़े बार-बार के झगड़े।

06

बार-बार असफलता

मेहनत के बावजूद अपेक्षित परिणाम न मिलना।

07

परिवार में मतभेद

बिना ठोस कारण घर में निरंतर तनाव और गलतफहमियां।

08

मानसिक तनाव

बेचैनी, अधीरता और निर्णय लेने में कठिनाई।

Sacred Significance

मंगल दोष निवारण के लिए मंगलनाथ धाम उज्जैन क्यों विशेष माना जाता है?

1

मंगल ग्रह की उत्पत्ति भूमि

स्कंद पुराण की मान्यता अनुसार मंगल ग्रह उज्जैन की भूमि से उत्पन्न हुए — इसलिए यहाँ की पूजा का मंगल पर सीधा एवं विशेष प्रभाव माना जाता है।

2

प्राचीन वैदिक संबंध

मंगलनाथ मंदिर का उल्लेख प्राचीन ज्योतिष ग्रंथों और पुराणों में मिलता है — सदियों पुरानी पूजा परंपरा का प्रमाण, जो इसे सर्वाधिक प्रामाणिक स्थान बनाता है।

3

ज्योतिष शास्त्र की दृष्टि

भारत के प्रतिष्ठित ज्योतिषी आज भी मांगलिक दोष से ग्रस्त व्यक्तियों को मंगलनाथ धाम उज्जैन में पूजा कराने की पहली प्राथमिकता बताते हैं।

4

आध्यात्मिक ऊर्जा

उज्जैन सप्त पुरियों में से एक है — यहाँ की भूमि की ऊर्जा वैदिक अनुष्ठानों के प्रभाव को कई गुना अधिक प्रभावी बना देती है।

क्यों आते हैं श्रद्धालु उज्जैन?

पंडित हरिओम शर्मा 12+ वर्षों से मंगलनाथ धाम उज्जैन में शास्त्रोक्त विधि से मंगल दोष निवारण पूजा सम्पन्न करा रहे हैं। भारत के साथ-साथ विदेश से भी श्रद्धालु यहाँ विशेष रूप से इस पूजा हेतु आते हैं।

मंगलनाथ धाम विशेषज्ञ
What You May Experience

मंगल दोष निवारण पूजा के संभावित लाभ

वैवाहिक सामंजस्य

वैवाहिक जीवन में आपसी समझ और स्नेह बढ़ने का अनुभव अधिकतर श्रद्धालु बताते हैं।

बाधाओं में कमी

विवाह तय होने में आ रही बार-बार की रुकावटें कम होने की संभावना बढ़ती है।

सकारात्मक ऊर्जा

हवन और मंत्रोच्चार से घर के वातावरण में सकारात्मकता और शुद्धता का अनुभव होता है।

मानसिक शांति

मंगल की पीड़ा से उत्पन्न बेचैनी में कमी, मन शांत व स्थिर होने लगता है।

पारिवारिक सहयोग

परिवार के सदस्यों के बीच सहयोग और संवाद में सुधार की संभावना।

रिश्तों में स्थिरता

तय हो चुके रिश्तों में स्थायित्व आना और अविश्वास की भावना घटना।

आध्यात्मिक उन्नति

नियमित अनुष्ठान से जीवन के प्रति स्पष्ट दृष्टिकोण विकसित होता है।

आत्मविश्वास

मंगल की शुभ ऊर्जा से साहस और निर्णय क्षमता में सुधार का अनुभव होता है।

Step by Step

पंडित हरिओम शर्मा के साथ पूजा प्रक्रिया

Step 01
1

परामर्श

Call/WhatsApp पर आपकी समस्या की प्रारंभिक चर्चा।

Step 02
2

जन्म विवरण

जन्म तिथि, समय व स्थान की जानकारी ली जाती है।

Step 03
3

पूजा चयन

कुंडली अनुसार उचित विधि व मुहूर्त तय किया जाता है।

Step 04
4

संकल्प

यजमान के नाम व उद्देश्य सहित विधिवत संकल्प लिया जाता है।

Step 05
5

अनुष्ठान

मंत्रोच्चार एवं हवन सहित सम्पूर्ण पूजन शास्त्रोक्त विधि से।

Step 06
6

आशीर्वाद

पूजा उपरांत व्यक्तिगत आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन।

Complete Ritual Package

पूजा में क्या-क्या सम्मिलित होता है?

संकल्प

यजमान के नाम, गोत्र व उद्देश्य सहित विधिवत संकल्प।

वैदिक मंत्रोच्चार

शास्त्र अनुसार शुद्ध वैदिक मंत्रों का उच्चारण।

मंगल ग्रह शांति

मंगल ग्रह को शांत करने के विशेष मंत्र व विधान।

विशेष पूजा सामग्री

शुद्ध एवं प्रामाणिक पूजन सामग्री का उपयोग।

हवन

पवित्र हवन कुंड में विशेष आहुति।

आशीर्वाद

पंडित हरिओम शर्मा जी का व्यक्तिगत आशीर्वाद।

Home Remedies & Daily Practice

मंगल दोष के घरेलू उपाय एवं घर पर दैनिक पूजा विधि

शास्त्रोक्त पूजा सबसे प्रभावी एवं स्थायी समाधान मानी जाती है, परंतु इसके साथ-साथ घर पर नियमित रूप से किए जाने वाले ये सरल वैदिक उपाय भी मंगल दोष के प्रभाव को कम करने में सहायक माने जाते हैं।

8 सरल घरेलू उपाय (Gharelu Upay)

01
मंगलवार का व्रत रखें

प्रत्येक मंगलवार उपवास रखकर हनुमान जी अथवा मंगलदेव की आराधना करना मंगल ग्रह को शांत करने का सबसे सरल एवं प्रचलित उपाय माना जाता है।

02
हनुमान चालीसा का नियमित पाठ

प्रतिदिन सुबह-शाम श्रद्धापूर्वक हनुमान चालीसा का पाठ करने से मंगल दोष के नकारात्मक प्रभाव में धीरे-धीरे कमी आती है।

03
लाल वस्तुओं का दान

मंगलवार के दिन गुड़, लाल मसूर, लाल वस्त्र अथवा तांबे की वस्तुएं किसी जरूरतमंद को दान करना शुभ माना जाता है।

04
मंगल बीज मंत्र का जाप

"ॐ अं अंगारकाय नमः" मंत्र का प्रतिदिन कम से कम 108 बार जाप करने से मंगल ग्रह की शांति में सहायता मिलती है।

05
शिव मंदिर में जल अर्पण

प्रतिदिन अथवा मंगलवार के दिन शिवलिंग पर जल या दूध अर्पित करना मंगल ग्रह की पीड़ा शांत करने में सहायक माना जाता है।

06
रत्न धारण — केवल विशेषज्ञ परामर्श अनुसार

मूंगा अथवा लाल मूंगा रत्न धारण से पूर्व कुंडली का विधिवत परीक्षण आवश्यक है — बिना परामर्श के रत्न धारण से बचना चाहिए।

07
क्रोध एवं अधीरता पर नियंत्रण

नियमित ध्यान व प्राणायाम के अभ्यास से क्रोध पर नियंत्रण रखना मंगल की ऊर्जा को संतुलित करने में सहायक है।

08
घर में मंगल यंत्र की स्थापना

विधिवत प्राण-प्रतिष्ठित मंगल यंत्र को घर के पूजा स्थान में स्थापित करना सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने में सहायक माना जाता है।

घर पर दैनिक पूजा विधि — Step by Step

1
प्रातः स्नान एवं संकल्प

स्वच्छ होकर यथासंभव लाल वस्त्र धारण करें और दिन की शुरुआत मंगल देव के स्मरण से करें।

2
दिशा एवं आसन

पूर्व अथवा उत्तर दिशा की ओर मुख करके स्वच्छ आसन पर बैठें।

3
दीप व धूप प्रज्वलन

घी का दीपक एवं धूप-अगरबत्ती जलाकर पूजा स्थान को शुद्ध करें।

4
मंगल बीज मंत्र जाप

"ॐ अं अंगारकाय नमः" मंत्र की कम से कम एक माला (108 बार) जाप करें।

5
हनुमान चालीसा पाठ

श्रद्धा एवं एकाग्रता सहित हनुमान चालीसा का पाठ करें।

6
भोग अर्पण

गुड़-चने अथवा लाल मसूर का भोग अर्पित करें।

7
आरती एवं प्रसाद वितरण

आरती करके परिवार सहित प्रसाद ग्रहण करें।

यह दैनिक विधि एक सहायक उपाय है। कुंडली में मंगल दोष की पुष्टि होने पर पूर्ण एवं स्थायी शांति हेतु पंडित हरिओम शर्मा द्वारा मंगलनाथ धाम, उज्जैन में शास्त्रोक्त मंगल दोष निवारण पूजा करवाने की सलाह दी जाती है।
About Pandit Hariom Sharma

मंगलनाथ धाम उज्जैन के अनुभवी वैदिक आचार्य एवं मंगल दोष निवारण विशेषज्ञ

12+ वर्षों से शास्त्रोक्त वैदिक अनुष्ठानों द्वारा हजारों श्रद्धालुओं का मार्गदर्शन

पंडित हरिओम शर्मा - मंगलनाथ धाम उज्जैन
पंडित हरिओम शर्मा
Mangalnath Temple Specialist · ज्योतिष दिवाकर

पंडित हरिओम शर्मा मंगलनाथ धाम, उज्जैन के प्रतिष्ठित वैदिक आचार्य हैं, जो पिछले 12+ वर्षों से मंगल दोष निवारण पूजा, कालसर्प दोष निवारण पूजा, महामृत्युंजय मंत्र जाप, रुद्राभिषेक, नवग्रह शांति एवं पितृ दोष निवारण जैसे महत्वपूर्ण वैदिक अनुष्ठान सम्पन्न करा रहे हैं।

ज्योतिष दिवाकर की उपाधि से सम्मानित, पंडित जी प्रत्येक यजमान की कुंडली का व्यक्तिगत विश्लेषण करते हैं और उनकी विशेष परिस्थिति के अनुसार उचित पूजा-विधि का निर्धारण करते हैं।

भारत के साथ-साथ विदेश में रहने वाले श्रद्धालु भी पंडित हरिओम शर्मा से सम्पर्क करते हैं — ऑनलाइन परामर्श एवं लाइव पूजा भागीदारी की सुविधा भी उपलब्ध है।

12+
वर्षों का अनुभव
8500+
अनुष्ठान सम्पन्न
भारत+
विदेश श्रद्धालु
क्यों चुनें पंडित हरिओम शर्मा को?
मंगलनाथ धाम विशेषज्ञ

उज्जैन के सबसे प्रामाणिक स्थान पर पूजा संपन्न कराते हैं।

ज्योतिष दिवाकर उपाधि

ज्योतिष शास्त्र में विशेष उपाधि से सम्मानित आचार्य।

व्यक्तिगत मार्गदर्शन

हर यजमान की कुंडली का व्यक्तिगत विश्लेषण।

देश-विदेश में विश्वास

भारत एवं विदेश के श्रद्धालुओं का भरोसा।

Is This Puja For You?

किन लोगों को मंगल दोष निवारण पूजा करवानी चाहिए?

विवाह में देरी

विवाह योग बनने के बावजूद बार-बार देरी होना।

मांगलिक दोष

कुंडली में मंगल दोष की पुष्टि हो चुकी हो।

रिश्ते बार-बार टूटना

रिश्ते तय होकर बार-बार बिना कारण टूट जाना।

पारिवारिक मतभेद

परिवार में बिना कारण निरंतर मतभेद।

ग्रह बाधा

मंगल या अन्य ग्रहों का प्रतिकूल प्रभाव महसूस होना।

जीवन में रुकावटें

करियर और जीवन में बार-बार रुकावटें आना।

Devotee Experiences

वास्तविक श्रद्धालु अनुभव

4.9
Google Rating
★★★★★
Ankita Sharma
Indore, MP
★★★★★

मेरी शादी 3 साल से रुकी थी — मांगलिक दोष था। पंडित हरिओम शर्मा जी से पूजा करवाई, कुछ महीनों में रिश्ता तय हो गया। बहुत आभारी हूं।

Rohit Verma
Bhopal, MP
★★★★★

मंगलनाथ मंदिर उज्जैन जाकर पंडित जी से पूजा कराई। उनका मार्गदर्शन बहुत स्पष्ट और भरोसेमंद था।

Sunita Joshi
Jaipur, Rajasthan
★★★★★

वैवाहिक जीवन में बहुत तनाव था। मंगल दोष निवारण पूजा के बाद घर का वातावरण शांत हुआ।

Deepak Mehta
Pune, Maharashtra
★★★★★

ऑनलाइन परामर्श से पूरी प्रक्रिया समझाई गई। उज्जैन में पंडित जी ने पूजा सम्पन्न कराई। बहुत संतोषजनक अनुभव रहा।

Kavita Pandey
Lucknow, UP
★★★★★

बार-बार रिश्ते टूट रहे थे। मांगलिक दोष पूजा के बाद विवाह तय हो गया। पंडित हरिओम शर्मा जी का धन्यवाद।

Amit Tiwari
Raipur, Chhattisgarh
★★★★★

मंगलनाथ धाम उज्जैन जाकर अनुष्ठान कराया। पूरी विधि शास्त्रोक्त और विश्वसनीय लगी।

Frequently Asked Questions

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मंगल दोष निवारण पूजा उज्जैन की लागत कितनी होती है?

+

पूजा की लागत विधि, सामग्री और अनुष्ठान के प्रकार पर निर्भर करती है। सटीक जानकारी हेतु पंडित हरिओम शर्मा जी से सीधे संपर्क करें: +91 77479 10945।

मंगल दोष पूजा में कितना समय लगता है?

+

सामान्यतः पूजा 2-3 घंटे में सम्पन्न होती है, जिसमें संकल्प, मंत्रोच्चार और हवन शामिल है।

मंगल दोष पूजा के लिए सबसे शुभ दिन कौन सा है?

+

मंगलवार को मंगल ग्रह से संबंधित पूजा के लिए विशेष रूप से शुभ माना जाता है। पंडित जी आपकी कुंडली अनुसार सटीक मुहूर्त बताते हैं।

क्या ऑनलाइन पूजा की व्यवस्था की जा सकती है?

+

हाँ, जो श्रद्धालु उज्जैन नहीं आ सकते उनके लिए वीडियो कॉल पर लाइव पूजा भागीदारी की सुविधा उपलब्ध है।

मंगलनाथ धाम उज्जैन को ही क्यों चुनें?

+

मान्यता अनुसार मंगल ग्रह का उत्पत्ति स्थान उज्जैन है, इसलिए यहाँ की पूजा का प्रभाव सबसे विशेष माना जाता है।

मंगल दोष होने पर विवाह असंभव है क्या?

+

नहीं, यह एक सामान्य भ्रांति है। उचित परामर्श और पूजा-विधि से इसका प्रभाव कम किया जा सकता है, विवाह सामान्य रूप से हो सकता है।

क्या दो मांगलिक व्यक्तियों का विवाह हो सकता है?

+

हाँ, ज्योतिष शास्त्र अनुसार दो मांगलिक व्यक्तियों का विवाह मान्य माना गया है, क्योंकि दोनों का दोष परस्पर संतुलित हो जाता है।

पंडित हरिओम शर्मा जी से अपॉइंटमेंट कैसे लें?

+

Call या WhatsApp के माध्यम से +91 77479 10945 पर सम्पर्क करें। आपकी जन्म-तिथि और समस्या अनुसार अपॉइंटमेंट तय किया जाएगा।

क्या पूजा के लिए कुंडली अनिवार्य है?

+

सही दिशा में पूजा हेतु जन्म तिथि, समय और स्थान की जानकारी उपयोगी होती है, परंतु इसके बिना भी सामान्य पूजा सम्पन्न की जा सकती है।

यह पूजा किन लोगों के लिए आवश्यक है?

+

जिन्हें विवाह में देरी, वैवाहिक तनाव, मांगलिक दोष या मंगल ग्रह से संबंधित अन्य परेशानियां हैं, उनके लिए यह पूजा लाभकारी मानी जाती है।

क्या परिवार के सदस्य पूजा में उपस्थित हो सकते हैं?

+

हाँ, परिवार के सदस्य पूजा में सम्मिलित हो सकते हैं। यह शुभ भी माना जाता है।

क्या एक ही दिन में पूजा संभव है?

+

हाँ, मुहूर्त उपलब्धता के अनुसार Same Day Puja की व्यवस्था की जा सकती है। पहले से Call या WhatsApp कर अवश्य जानकारी लें।

क्या पूजा का प्रमाण पत्र मिलता है?

+

हाँ, पूजा सम्पन्न होने के बाद विधिवत प्रमाण पत्र प्रदान किया जाता है।

पूजा के अलावा और क्या उपाय सुझाए जाते हैं?

+

पूजा के साथ रत्न धारण, दान-विधान और मंगलवार व्रत जैसे अतिरिक्त उपाय भी कुंडली अनुसार सुझाए जाते हैं।

क्या यह पूजा विदेश में रहने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी उपलब्ध है?

+

हाँ, विदेश में रहने वाले श्रद्धालुओं के लिए ऑनलाइन परामर्श और वीडियो कॉल पर लाइव पूजा भागीदारी की सुविधा उपलब्ध है।

मंगल दोष निवारण पूजा का प्रभाव कितने समय तक रहता है और क्या इसे दोबारा करवाना पड़ता है?

+

शास्त्रों के अनुसार विधिवत सम्पन्न की गई मंगल दोष निवारण पूजा का प्रभाव दीर्घकालिक माना जाता है, विशेषकर जब यह मंगलनाथ धाम जैसे शक्तिशाली स्थान पर शुद्ध संकल्प और सही मुहूर्त में की जाए। अधिकांश मामलों में एक बार की पूजा पर्याप्त होती है, परंतु कुंडली में मंगल की स्थिति अत्यंत प्रबल हो तो पंडित हरिओम शर्मा यजमान को कुछ वर्षों बाद अनुवर्ती (follow-up) उपाय या वार्षिक मंगलवार व्रत जैसे सहायक उपाय अपनाने की सलाह भी देते हैं। पंडित जी प्रत्येक यजमान की कुंडली का व्यक्तिगत विश्लेषण करने के बाद ही यह तय करते हैं कि पूजा कितनी बार और किस अंतराल में करवाई जानी चाहिए, ताकि शाश्वत व स्थायी परिणाम प्राप्त हो सकें।

क्या आप भी मंगल दोष, विवाह बाधा या मांगलिक दोष से परेशान हैं?

पंडित हरिओम शर्मा से सीधे संपर्क करें और अपनी समस्या के अनुसार उचित वैदिक मार्गदर्शन प्राप्त करें।

मंगलनाथ मंदिर, उज्जैन, मध्य प्रदेश
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