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मंगलनाथ धाम उज्जैन • शास्त्रोक्त वैदिक पूजन

पितृ दोष निवारण पूजा, उज्जैन

पितरों की शांति एवं पितृ दोष निवारण हेतु विशेष वैदिक अनुष्ठान

पंडित हरिओम शर्मा द्वारा मंगलनाथ धाम उज्जैन में शास्त्रोक्त विधि से सम्पन्न कराई जाने वाली पितृ दोष निवारण पूजा पूर्वजों की आत्मा की शांति, परिवार में सुख-समृद्धि एवं संतान प्राप्ति बाधाओं के निवारण हेतु विशेष रूप से की जाती है।

12+
वर्षों का अनुभव
8500+
अनुष्ठान सम्पन्न
पितृ
दोष विशेषज्ञ
भारत+
विदेश श्रद्धालु
Understanding the Dosh

पितृ दोष क्या होता है?

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार पितृ दोष तब बनता है जब पूर्वजों की आत्मा को शांति नहीं मिली हो या उनके अंतिम संस्कार एवं श्राद्ध विधि में कोई त्रुटि हुई हो।

पितृ दोष तब उत्पन्न होता है जब परिवार के पूर्वजों की आत्माओं को मोक्ष नहीं मिला हो अथवा उनके श्राद्ध, तर्पण और अंतिम संस्कार की विधि में कोई त्रुटि हुई हो। ज्योतिष शास्त्र में इसे जन्म कुंडली के नवम भाव और सूर्य-राहु की स्थिति से देखा जाता है।

पितृ दोष के मुख्य ज्योतिषीय कारण:

नवम भाव पीड़ितकुंडली में नवम भाव पर पापी ग्रहों का प्रभाव — पितृ दोष का प्रबल संकेत।
सूर्य + राहु युतिजन्म कुंडली में सूर्य-राहु की युति पितृ दोष बनाती है — पिता पक्ष से समस्याएं।
पंचम भाव प्रभावितसंतान प्राप्ति में बाधा — पंचम पर पाप प्रभाव से पितृ ऋण उत्पन्न होता है।
अमावस्या जन्मअमावस्या पर जन्मे व्यक्ति में पितृ दोष की संभावना अधिक मानी जाती है।
श्राद्ध में त्रुटिपितरों का श्राद्ध न होने या अधूरी विधि से पितृ दोष उत्पन्न होता है।
अकाल मृत्युपरिवार में किसी सदस्य की अकाल मृत्यु और अधूरे संस्कार से पितृ ऋण बनता है।

एक सामान्य भ्रांति यह है कि पितृ दोष हमेशा पाप कर्म का परिणाम है — यह सत्य नहीं है। सही ज्योतिषीय परीक्षण और शास्त्रोक्त पितृ दोष निवारण पूजा द्वारा पितरों को शांति देकर परिवार में सुख-समृद्धि की प्राप्ति संभव है।

Self Check

क्या आपके परिवार में पितृ दोष हो सकता है?

यदि आपके परिवार में निम्न में से कई संकेत बार-बार दिखाई दे रहे हैं, तो कुंडली की जांच अवश्य कराएं।

01

संतान प्राप्ति में बाधा

बहुत प्रयास के बाद भी संतान न होना — पितृ दोष का सबसे प्रमुख संकेत।

02

बार-बार गर्भपात

गर्भ का बार-बार नष्ट होना जबकि चिकित्सकीय कारण न मिलना।

03

व्यापार में लगातार हानि

मेहनत के बावजूद व्यापार में बार-बार असफलता और आर्थिक हानि।

04

परिवार में अशांति

बिना कारण घर में लड़ाई-झगड़े, तनाव और असहमति का बना रहना।

05

स्वप्न में पूर्वज

बार-बार दिवंगत पूर्वजों का दुखी या अशांत रूप में स्वप्न में आना।

06

विवाह में देरी

परिवार के सदस्यों के विवाह में अकारण लगातार विलंब होना।

07

स्वास्थ्य समस्याएं

परिवार में बार-बार अज्ञात रोग, दुर्घटनाएं और दीर्घकालिक बीमारियां।

08

गृह कलह एवं ऋण

घर में अशांति, कर्ज का बोझ और प्रयास के बावजूद आर्थिक स्थिरता न आना।

Sacred Significance

पितृ दोष निवारण के लिए उज्जैन क्यों विशेष माना जाता है?

1

सप्त पुरियों में सर्वश्रेष्ठ तीर्थ

उज्जैन भारत की सात पवित्र नगरियों में से एक है। यहाँ की भूमि पितरों की शांति के लिए अत्यंत शक्तिशाली मानी जाती है।

2

क्षिप्रा नदी का पावन तट

पवित्र क्षिप्रा नदी के किनारे तर्पण एवं पिंडदान करने से पितरों को शीघ्र शांति मिलती है — यह परंपरा सदियों पुरानी है।

3

महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग की उपस्थिति

काल के देवता महाकालेश्वर की उपस्थिति उज्जैन में पितृ दोष निवारण अनुष्ठान को असाधारण रूप से प्रभावी बनाती है।

4

प्राचीन शास्त्रोक्त परंपरा

पुराणों में उज्जैन में पितृ कर्म और श्राद्ध विधि का विशेष महत्व बताया गया है। यहाँ की पूजा का प्रभाव सबसे स्थायी माना जाता है।

क्यों आते हैं श्रद्धालु उज्जैन?

पंडित हरिओम शर्मा 12+ वर्षों से उज्जैन में शास्त्रोक्त विधि से पितृ दोष निवारण पूजा, पिंडदान, तर्पण और नारायण बलि अनुष्ठान सम्पन्न करा रहे हैं। भारत के साथ-साथ विदेश से भी श्रद्धालु यहाँ विशेष रूप से पितरों की शांति हेतु आते हैं।

पितृ दोष निवारण विशेषज्ञ
What You May Experience

पितृ दोष निवारण पूजा के संभावित लाभ

🪔

संतान प्राप्ति में सहायता

पितृ दोष निवारण के बाद संतान प्राप्ति में आ रही बाधाएं कम होने की संभावना बढ़ती है।

🪔

पारिवारिक सुख-शांति

परिवार में अकारण चल रहे कलह और तनाव में कमी का अनुभव अधिकतर श्रद्धालु बताते हैं।

🪔

आर्थिक स्थिरता

व्यापार में बार-बार आ रही रुकावटें और हानि कम होकर स्थिरता आने की संभावना।

🪔

पूर्वजों की शांति

श्राद्ध, तर्पण एवं पिंडदान से पितरों की आत्मा को शांति एवं मोक्ष का मार्ग मिलता है।

🪔

स्वास्थ्य में सुधार

परिवार में बार-बार आ रही अज्ञात बीमारियों में कमी का अनुभव होता है।

🪔

विवाह बाधा निवारण

परिवार के सदस्यों के विवाह में पितृ दोष के कारण आ रही रुकावटें कम होती हैं।

🪔

मानसिक शांति

पितरों की शांति के बाद परिवार के सदस्यों में मानसिक स्थिरता और सकारात्मकता का अनुभव।

🪔

आध्यात्मिक उन्नति

पितृ ऋण से मुक्ति के बाद जीवन में स्पष्ट दिशा और आध्यात्मिक उन्नति का अनुभव।

Step by Step

पंडित हरिओम शर्मा के साथ पूजा प्रक्रिया

Step 01
1

परामर्श

Call/WhatsApp पर आपकी समस्या और परिवार की स्थिति की प्रारंभिक चर्चा।

Step 02
2

जन्म विवरण

कुंडली विश्लेषण हेतु जन्म तिथि, समय व स्थान की जानकारी ली जाती है।

Step 03
3

विधि चयन

कुंडली अनुसार पितृ दोष की प्रकृति तय करके उचित पूजा-विधि व मुहूर्त निर्धारित।

Step 04
4

तर्पण व संकल्प

क्षिप्रा नदी पर पितरों को जल तर्पण और यजमान के नाम सहित विधिवत संकल्प।

Step 05
5

अनुष्ठान

पितृ सूक्त मंत्रोच्चार, पिंडदान, हवन — सम्पूर्ण शास्त्रोक्त विधि से।

Step 06
6

आशीर्वाद

पूजा उपरांत पितरों के नाम स्मरण एवं पंडित जी का व्यक्तिगत आशीर्वाद।

Complete Ritual Package

पूजा में क्या-क्या सम्मिलित होता है?

संकल्प

यजमान व उनके पितरों के नाम, गोत्र सहित विधिवत संकल्प।

तर्पण विधि

क्षिप्रा नदी पर पितरों को विधिवत जल तर्पण।

पिंडदान

पितरों की आत्मा की शांति हेतु विधिवत पिंडदान।

पितृ सूक्त पाठ

वेद में वर्णित पितृ सूक्त मंत्रों का शुद्ध उच्चारण।

हवन

पितरों की शांति हेतु विशेष सामग्री से हवन।

पूजा प्रमाण पत्र

पूजा सम्पन्न होने के बाद विधिवत प्रमाण पत्र।

ब्राह्मण भोज

पितृ पूजा के बाद ब्राह्मणों को भोजन एवं दक्षिणा।

नारायण बलि (यदि आवश्यक)

कुंडली अनुसार नारायण बलि विधि की व्यवस्था।

व्यक्तिगत मार्गदर्शन

पंडित हरिओम शर्मा जी का पूजोपरांत व्यक्तिगत आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन।

Home Remedies & Daily Practice

पितृ दोष के घरेलू उपाय एवं घर पर दैनिक पूजा विधि

शास्त्रोक्त पूजा सबसे प्रभावी एवं स्थायी समाधान मानी जाती है, परंतु इसके साथ-साथ घर पर नियमित रूप से किए जाने वाले ये सरल वैदिक उपाय भी पितृ दोष के प्रभाव को कम करने में सहायक माने जाते हैं।

8 सरल घरेलू उपाय (Gharelu Upay)

01
प्रतिदिन पितरों का स्मरण करें

प्रतिदिन सुबह दिवंगत पूर्वजों का श्रद्धापूर्वक स्मरण करें और उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करें।

02
अमावस्या पर श्राद्ध तर्पण

प्रत्येक अमावस्या को पितरों के नाम जल तर्पण करना और ब्राह्मणों को भोजन कराना अत्यंत फलदायी माना जाता है।

03
पीपल वृक्ष की पूजा

शनिवार को पीपल वृक्ष में जल अर्पण करने से पितरों की शांति होती है — यह सर्वाधिक सरल और प्रभावी उपाय माना जाता है।

04
पितृ पक्ष में श्राद्ध

प्रतिवर्ष श्राद्ध पक्ष में पितरों की पुण्यतिथि पर विधिवत श्राद्ध करें। इसे कभी नहीं टालना चाहिए।

05
गरीबों को भोजन एवं दान

नियमित रूप से जरूरतमंदों को भोजन एवं वस्त्र दान करने से पितृ ऋण कम होता है।

06
गाय को चारा खिलाएं

प्रतिदिन गाय को हरा चारा अथवा रोटी खिलाना पितरों को प्रसन्न करने का सरल उपाय है।

07
ब्रह्म मुहूर्त में स्नान

पितृ दोष से पीड़ित व्यक्ति को यथासंभव ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करना और पितरों को जल अर्पण करना चाहिए।

08
विष्णु सहस्रनाम का पाठ

नियमित विष्णु सहस्रनाम पाठ से पितृ दोष के नकारात्मक प्रभाव में कमी आती है।

घर पर दैनिक पूजा विधि — Step by Step

1
प्रातः स्नान एवं संकल्प

स्वच्छ होकर पितरों का स्मरण करते हुए दिन की शुरुआत करें।

2
दिशा एवं आसन

दक्षिण दिशा की ओर मुख करके स्वच्छ आसन पर बैठें — पितरों की दिशा दक्षिण मानी जाती है।

3
जल तर्पण

तांबे के पात्र में काले तिल मिलाकर जल से पितरों को तर्पण दें।

4
पितृ मंत्र जाप

"ॐ पितृभ्यः नमः" मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें।

5
दीप प्रज्वलन

घी का दीपक जलाकर पितरों के चित्र के सामने रखें।

6
भोग अर्पण

खीर अथवा तिल के लड्डू का भोग अर्पित करें।

7
प्रसाद वितरण

प्रसाद परिवार के सदस्यों व जरूरतमंदों में वितरित करें।

यह दैनिक विधि एक सहायक उपाय है। कुंडली में पितृ दोष की पुष्टि होने पर पूर्ण एवं स्थायी शांति हेतु पंडित हरिओम शर्मा द्वारा उज्जैन में शास्त्रोक्त पितृ दोष निवारण पूजा करवाने की सलाह दी जाती है।
About Pandit Hariom Sharma

उज्जैन के अनुभवी वैदिक आचार्य एवं पितृ दोष निवारण विशेषज्ञ

12+ वर्षों से शास्त्रोक्त वैदिक अनुष्ठानों द्वारा हजारों श्रद्धालुओं का मार्गदर्शन

पंडित हरिओम शर्मा - उज्जैन
पंडित हरिओम शर्मा
Pitru Dosh Specialist · ज्योतिष दिवाकर

पंडित हरिओम शर्मा उज्जैन के प्रतिष्ठित वैदिक आचार्य हैं, जो पिछले 12+ वर्षों से पितृ दोष निवारण पूजा, नारायण बलि, पिंडदान, तर्पण, मंगल दोष निवारण, कालसर्प दोष निवारण, महामृत्युंजय मंत्र जाप एवं नवग्रह शांति जैसे महत्वपूर्ण वैदिक अनुष्ठान सम्पन्न करा रहे हैं।

ज्योतिष दिवाकर की उपाधि से सम्मानित, पंडित जी प्रत्येक यजमान की कुंडली का व्यक्तिगत विश्लेषण करते हैं और उनकी पितृ दोष की विशेष परिस्थिति के अनुसार उचित पूजा-विधि का निर्धारण करते हैं।

भारत के साथ-साथ विदेश में रहने वाले श्रद्धालु भी पंडित हरिओम शर्मा से सम्पर्क करते हैं — ऑनलाइन परामर्श एवं लाइव पूजा भागीदारी की सुविधा भी उपलब्ध है।

12+
वर्षों का अनुभव
8500+
अनुष्ठान सम्पन्न
भारत+
विदेश श्रद्धालु
क्यों चुनें पंडित हरिओम शर्मा को?
पितृ दोष निवारण विशेषज्ञ

उज्जैन के सबसे प्रामाणिक स्थान पर पितृ पूजा सम्पन्न कराते हैं।

ज्योतिष दिवाकर उपाधि

ज्योतिष शास्त्र में विशेष उपाधि से सम्मानित आचार्य।

व्यक्तिगत मार्गदर्शन

हर यजमान की कुंडली का व्यक्तिगत विश्लेषण।

देश-विदेश में विश्वास

भारत एवं विदेश के श्रद्धालुओं का भरोसा।

Is This Puja For You?

किन लोगों को पितृ दोष निवारण पूजा करवानी चाहिए?

संतान प्राप्ति में बाधा

बहुत प्रयास के बाद भी संतान न होना या बार-बार गर्भपात।

परिवार में अशांति

घर में बिना कारण लगातार कलह, तनाव और मतभेद।

व्यापार में हानि

व्यापार में बार-बार नुकसान और आर्थिक स्थिरता न आना।

पूर्वजों का श्राद्ध न हुआ हो

परिवार में किसी पूर्वज का अंतिम संस्कार या श्राद्ध नहीं हुआ।

बार-बार अकाल मृत्यु

परिवार में बार-बार दुर्घटनाएं या अकाल मृत्यु का होना।

स्वप्न में पूर्वज दिखें

बार-बार दिवंगत पूर्वजों का अशांत रूप में स्वप्न में आना।

Devotee Experiences

वास्तविक श्रद्धालु अनुभव

4.9
Google Rating
★★★★★
Sunita Agarwal
Delhi, NCR
★★★★★

10 साल से संतान प्राप्ति में बाधा थी। पंडित हरिओम शर्मा जी से पितृ दोष निवारण पूजा कराई — अगले वर्ष घर में नन्ही किलकारी आई। भगवान का आशीर्वाद।

Ramesh Gupta
Bhopal, MP
★★★★★

उज्जैन जाकर पिंडदान और तर्पण कराया। पंडित जी ने बहुत शांत और विस्तारपूर्वक पूरी विधि कराई। पितरों की शांति का आभास हुआ।

Priya Sharma
Lucknow, UP
★★★★★

घर में वर्षों से अशांति थी। पितृ दोष निवारण पूजा के बाद घर का माहौल बदल गया। परिवार में प्रेम और सहयोग बढ़ा। पंडित जी का बहुत आभार।

Amit Tiwari
Raipur, Chhattisgarh
★★★★★

व्यापार में लगातार हानि हो रही थी। पंडित हरिओम शर्मा जी ने कुंडली देखकर पितृ दोष बताया। पूजा के बाद व्यापार में सुधार आया।

Kavita Pandey
Varanasi, UP
★★★★★

बार-बार पिताजी सपने में आते थे। पंडित जी से पूजा कराई — उसके बाद वो स्वप्न आने बंद हुए। मन को बहुत शांति मिली।

Deepak Mehta
Pune, Maharashtra
★★★★★

ऑनलाइन परामर्श लिया और उज्जैन में पूजा कराई। पूरी प्रक्रिया बहुत व्यवस्थित और शास्त्रोक्त थी। पंडित जी बहुत विद्वान और समर्पित हैं।

Frequently Asked Questions

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पितृ दोष निवारण पूजा उज्जैन की लागत कितनी होती है?

+

पूजा की लागत विधि, सामग्री और अनुष्ठान के प्रकार पर निर्भर करती है। सटीक जानकारी हेतु पंडित हरिओम शर्मा जी से सीधे संपर्क करें: +91 77479 10945।

पितृ दोष निवारण पूजा में कितना समय लगता है?

+

सामान्यतः पूजा 3-4 घंटे में सम्पन्न होती है जिसमें तर्पण, पिंडदान, मंत्रोच्चार और हवन सम्मिलित है। नारायण बलि विधि में एक पूरा दिन लग सकता है।

पितृ दोष पूजा के लिए सबसे शुभ समय कौन सा है?

+

पितृ पक्ष (श्राद्ध पक्ष), अमावस्या और सर्वपितृ अमावस्या को पितृ दोष निवारण पूजा के लिए सर्वोत्तम माना जाता है। पंडित जी कुंडली अनुसार सटीक मुहूर्त बताते हैं।

क्या ऑनलाइन पूजा की व्यवस्था की जा सकती है?

+

हाँ, जो श्रद्धालु उज्जैन नहीं आ सकते उनके लिए वीडियो कॉल पर लाइव पूजा भागीदारी की सुविधा उपलब्ध है।

पितृ दोष निवारण के लिए उज्जैन ही क्यों चुनें?

+

उज्जैन सप्त पुरियों में एक और काल के देवता महाकालेश्वर की नगरी है। यहाँ क्षिप्रा नदी पर किया गया तर्पण और पिंडदान का विशेष महत्व शास्त्रों में बताया गया है।

पितृ दोष और पितृ ऋण में क्या अंतर है?

+

पितृ ऋण वह ऋण है जो हम पर पूर्वजों का जन्म से ही होता है। पितृ दोष तब बनता है जब यह ऋण न चुकाया जाए या पूर्वजों के संस्कारों में त्रुटि हो। दोनों का निवारण पूजा एवं श्राद्ध विधि से होता है।

नारायण बलि विधि क्या है और कब जरूरी है?

+

नारायण बलि विधि उन परिवारों के लिए होती है जहाँ किसी सदस्य की अकाल मृत्यु हुई हो या अंतिम संस्कार अधूरा रहा हो। पंडित जी कुंडली देखकर बताते हैं कि यह आवश्यक है या नहीं।

पंडित हरिओम शर्मा जी से अपॉइंटमेंट कैसे लें?

+

Call या WhatsApp के माध्यम से +91 77479 10945 पर सम्पर्क करें। आपकी जन्म-तिथि और समस्या अनुसार अपॉइंटमेंट तय किया जाएगा।

क्या पूजा के लिए कुंडली अनिवार्य है?

+

सही दिशा में पूजा हेतु जन्म तिथि, समय और स्थान की जानकारी उपयोगी होती है, परंतु इसके बिना भी सामान्य तर्पण एवं पितृ पूजा सम्पन्न की जा सकती है।

यह पूजा किन लोगों के लिए आवश्यक है?

+

जिन्हें संतान प्राप्ति में बाधा, व्यापार में हानि, परिवार में अशांति, बार-बार दुर्घटनाएं या पितृ संबंधी अन्य परेशानियां हैं, उनके लिए यह पूजा लाभकारी मानी जाती है।

क्या परिवार के सदस्य पूजा में उपस्थित हो सकते हैं?

+

हाँ, परिवार के सदस्यों का पूजा में उपस्थित रहना शुभ माना जाता है। पितृ दोष निवारण पूजा में परिवार का सामूहिक भाग लेना और भी प्रभावी माना जाता है।

क्या एक ही दिन में पूजा संभव है?

+

हाँ, मुहूर्त उपलब्धता के अनुसार Same Day Puja की व्यवस्था की जा सकती है। पहले से Call या WhatsApp कर अवश्य जानकारी लें।

क्या पूजा का प्रमाण पत्र मिलता है?

+

हाँ, पूजा सम्पन्न होने के बाद विधिवत प्रमाण पत्र प्रदान किया जाता है।

पूजा के अलावा और क्या उपाय सुझाए जाते हैं?

+

पूजा के साथ पितृ पक्ष में श्राद्ध, अमावस्या पर तर्पण, पीपल पूजा और नित्य पितृ स्मरण जैसे अतिरिक्त उपाय भी कुंडली अनुसार सुझाए जाते हैं।

क्या यह पूजा विदेश में रहने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी उपलब्ध है?

+

हाँ, विदेश में रहने वाले श्रद्धालुओं के लिए ऑनलाइन परामर्श और वीडियो कॉल पर लाइव पूजा भागीदारी की सुविधा उपलब्ध है।

पितृ दोष निवारण पूजा का प्रभाव कितने समय तक रहता है और क्या इसे दोबारा करवाना पड़ता है?

+

शास्त्रों के अनुसार विधिवत सम्पन्न की गई पितृ दोष निवारण पूजा का प्रभाव दीर्घकालिक माना जाता है। अधिकांश मामलों में एक बार की पूजा पर्याप्त होती है, परंतु पंडित हरिओम शर्मा कुंडली के अनुसार प्रतिवर्ष पितृ पक्ष में श्राद्ध और तर्पण जारी रखने की सलाह देते हैं ताकि पितरों की शांति बनी रहे और परिवार में सुख-समृद्धि का प्रवाह निरंतर बना रहे।

क्या आपके परिवार में पितृ दोष के कारण बाधाएं आ रही हैं?

पंडित हरिओम शर्मा से सीधे संपर्क करें और अपनी समस्या के अनुसार उचित वैदिक मार्गदर्शन प्राप्त करें।

मंगलनाथ मंदिर, उज्जैन, मध्य प्रदेश
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